Tuesday, March 24, 2009

कार और सरकार

3 comments:

राजीव जैन Rajeev Jain said...

bahut dino baad aaye

bahut badia

राज भाटिय़ा said...

:)

श्यामल सुमन said...

बहुत खूब।

जो कार सर से गुजर जाए उसे सरकार कहते हैं।
विज्ञापन के बाद गर खबर छपे तो अखबार कहते हैं।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com